बिजली बिलों में मनमानी के खिलाफ़ किसान मज़दूरों ने किया आंदोलन

राजस्थान के हनुमान गढ़ में बिजली विभाग द्वारा उपभोक्ताओं से बिजली बिलों में मनमानी वसूली के खिलाफ़ जनता का आक्रोश फूट पड़ा।

सभी मज़दूर किसानों ने बिजली विभाग के खिलाफ़ एक पर्चा जारी कर अपनी मांगों को पूरी करने के लिए आवाज़ उठाई है।

बिजली उपभोक्ता संघर्ष समिति के बैनर तले सहायक अभियंता कार्यालय गोगामेड़ी, हनुमानगढ़ पर आसपास के गांवों के बिजली उपभोक्ताओं ने धरना जारी रखा।

उपभोक्ताओं से नाजायज वसूली

गौरतलब है कि बिजली कंपनियां बिजली बिलों के साथ सिक्योरिटी राशि के रूप में सभी उपभोक्ताओं से नाजायज वसूली कर रही हैं।

इसके अलावा स्थायी सेवा शुल्क के रूप में हर महीने 400 से 800 रुपए या इससे अधिक राशि प्रत्येक उपभोक्ता से वसूली जा रही है।

जिसका गांव-गांव में किसान मजदूर विरोध कर रहे हैं, बिजली कंपनियों के प्रति लोगों के मन में काफी गुस्सा है।

कई गांव के सरपंच आज धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने भी मुख्यमंत्री को अपना ज्ञापन प्रेषित किया।

आपको बता दें कि 4 सितम्बर से शुरू धरने में आज सैकड़ों किसान मजदूर नेठराना, खचवाना, भरवाना, सरदारगढ़िया, रामगढ़, गांधी बड़ी बरवाली आदि कई गांव से धरने पर इकट्ठा हुए और बिजली कंपनियों की तानाशाही और लापरवाही के प्रति अपने गुस्से का इजहार करते हुए नारेबाजी की।

उपभोक्ताओं की प्रमुख मांगे

1.सिक्योरिटी राशि के नोटिस को विभाग तुरंत निरस्त करें।

2.स्थायी सेवा शुल्क के रूप में वसूली जा रही राशि को तत्काल बन्द किया जाए।

3.प्रत्येक परिवार के लिए 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जाए।

4.बिजली बिलों में भारी अनियमितताओं को तुरंत प्रभाव से ठीक किया जाए।

5.खराब और तेज गति से चलने वाले बिजली मीटरों को बदला जाए और ऐसे घटिया मीटर बनाने वाली कम्पनी के खिलाफ कार्यवाही की जाए आदि।

सभी उपभोक्ताओं ने संकल्प लिया कि जब तक मांगों को नहीं माना जाता तब तक धरना जारी रहेगा औऱ वे बिजली का बिल जमा नहीं करवाएंगे।

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