मिट्टी में दबने से 10 मनरेगा महिला मजदूरों की मौत

बीते बुधवार, यानी 10 अप्रैल को तेलंगाना राज्य के मरिकला मंडल के तेलेरू गाँव में एक दर्दनाक हादसा हुआ।

जिसमें महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत काम करने वाले 12  में  से 10 महिला श्रमिकों की मिट्‍टी में दबने के कारण दर्दनाक मौत हो गयी।

इस घटना में एक महिला गंभीर रूप से जख्मी हुई तथा दूसरी  महिला को सुरक्षित बाहर निकाले जाने की खबर है।

फोटो साभार@ 'द न्यूज मिन्ट'
फोटो साभार@ ‘द न्यूज मिन्ट’

लंच के समय हुआ भूस्खलन

खबरों के मुताबिक प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा गया है कि 12 महिलाएं मज़दूर सुबह से एक पहाड़ वाले क्षेत्र में खुदाई के काम में लगी हुई थीं।

दोपहर करीब 12 बजे सभी श्रमिक महिलाएं दिन के भोजन के लिए के लिये खोद कर निकाले गये मिट्टी के छांव में बैठी थीं , जैसे ही उन्होंने भोजन शुरू किया तब ही अचानक मिट्‍टी का भारी टीला मज़दूरों के ऊपर जा गिरा।

जिससे  सभी 12 महिलाएं  8 से 10 फिट जमीन के नीचे धंस गयी। जिस कारण उन महिलाओं के बचने की उम्मीद न के बराबर थी।

फोटो साभार 'द न्यूज मिन्ट'
फोटो साभार@ ‘द न्यूज मिन्ट’

10 श्रमिक महिलाओं कि मौके पर मौत

हादसे में 10 श्रमिक महिलाओं कि मौके पर ही मौत हो गयी।

मरने वाली महिलाओं की पहचान अनुराधा(30), भीमअम्मा पल्लेगड्डा(34),गलिगुत्तु बुद्दम्मां(36),  बोदी लक्ष्मी (32), कुमारी लक्ष्मी (33) सकाली अनंतमम्मा(42), बेरला अनंथम्मां (60),मंग्म्मा मारती(30), चेरलापल्ली लक्ष्मी (42),  पालले गड्डी के रूप में हुई है।

जबकि हनुमानथु की पत्नी चेरलापल्ली लक्ष्मी(24) और श्रीनिवास की पत्नि बयानी मन्म्मा (35) मामूली रूप से घायल हैं।

साभार @दरिया न्यूज़
साभार @दरिया न्यूज़

बाल बाल बचीं चेरापल्ली लक्ष्मी की ज़ुबानी

इस हादसे से बाहर निकाली गयी जख्मी मनरेगा कार्यकर्ता चेरापल्ली लक्ष्मी  के अनुसार पहले उन्हें कुछ नेताओं ने अपने चुनाव अभियान में भाग लेने के लिए कहा था।

लेकिन उन्होंने अपनी मज़दूरी गवाने के डर से चुनावी रैली में जाने से इनकार कर दिया।

भोजन करने के लिए वे सभी किसी छायदार जगह के खोज में खोदी गयी मिट्टी के ढेर के नीचे बैठ गई।

वह  बताती है कि तभी  उसे  मिट्टी के ढेर के गिरने का आभास हो गया था, और वह दूसरों को भी सावधान करने की कोशिश कर रही थी।

लेकिन जब तक वे संभल पाती तब तक वे सभी मिट्टी में दब चुकी थीं।

हादसे के बाद न्याय की बात

महबूब नगर के जिलाधिकारी रोनाल्ड रोज के साथ नारायणपेट के जिला कलेक्टर एस वेंकट राव, पुलिस अधीक्षक चेतना राव ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया।

अधिकारियों ने श्रमिकों को आश्वासन दिया है कि उनको न्याय जरूर मिलेगा।

उत्पाद शुल्क और निषेध मंत्री श्रीनिवास गौड़ ने नारायणपेट के विधायक एस राजेंद्र के साथ घटनास्थल का दौरा किया।

उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने पीड़ित परिवारों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया।

चुनावी आश्वासन

यह चुनावी मौसम है, ऐसे में जहां एक ओर चुनावी सभा और चुनाव प्रचारों में लाखों,  करोड़ों उड़ाए जा रहे हैं, वहीं आए दिन मज़दूर कभी गटर में दम घुटने से मरते हैं तो कभी मिट्टी के ढेर में दफ़न हो जाते हैं।

गौरतलब है कि अभी कुछ दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने केन्द्रीय और दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा था कि मज़दूरों के नाम पर इकट्ठा किए गए लाखों-करोड़ों रुपए मज़दूरों के कल्याण के लिए क्यों नहीं उपयोग किए जाते?

कोर्ट ने यह भी कहा था कि इस मामले में सरकारों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

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