आटा मिल में टैंक साफ़ करने गए 2 मज़दूरों की मौत

दिल्ली के केशवपुरम इलाके में आटा मिल की सफ़ाई करने के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से 2 मज़दूरों की मौत हो गई।

मृतकों की शिनाख्त मोबिन ख़ान और बिलाल ख़ान के रूप में की गई है।

पुलिस के अनुसार, दमकल विभाग को मंगलवार रात करीब 9.30 बजे इमरजेंसी कॉल आई थी।

जिसके बाद दो दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं।

सुरक्षा उपकरणों की कमी के कारण मौत

मोबिन और बिलाल नामक दो मजदूर आटा मिल में एक टैंक साफ करने के लिए घुसे थे।

पुलिस ने बताया कि दोनों को भगवान महावीर अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

मोबिन और बिलाल लॉरेंस रोड पर स्थित एक आटा चक्की में काम करते थे।

समाचार वेबसाइट “द वायर ने एसआई” सुनील के हवाले से बताया कि दोनों कर्मचारियों ने कोई सेफ़्टी उपकरण नहीं पहने थे।

उन्हें जबरन टैंक में उतारा गया था या वे स्वेच्छा से गए थे। ये जांच का विषय है।

आईपीसी की धाराओं  के तहत मामला दर्ज

उन्होंने आगे बताया, ‘फिलहाल आईपीसी की धारा 170/19 , 287 (मशीनरी के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरण) 304 ए (लापरवाही की वजह से मौत) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इस तरह की घटनाओं से पहले भी कई मजदूरों की जानें जा चुकी हैं।

बीती 7 मई को उत्तर पश्चिम दिल्ली में एक मकान के सेप्टिक टैंक में उतरने के बाद दो मजदूरों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए थे।

इस मामले में भी जांच में यह बात सामने आयी थी कि मज़दूर टैंक में बिना मास्क, ग्लव्स और सुरक्षा उपकरणों के उतरे थे।

वहीं दो मई को नोएडा सेक्टर 107 में स्थित सलारपुर में देर रात सीवर की खुदाई करते समय पास में बह रहे नाले का पानी भरने से दो मजदूरों की डूबने से मौत हो गई थी।

बीते 15 अप्रैल को दिल्ली से सटे गुड़गांव के नरसिंहपुर में एक ऑटोमोबाइल कंपनी में सेप्टिक टैंक साफ करने के दौरान दो सफाईकर्मियों की मौत हो गई थी।

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