आख़िरकार रॉयल एनफील्ड में हुआ वेतन समझौता, ट्रेनी-कैजुअल को कुछ नहीं

तमिलनाडु में चैन्नई के पास ऑरागाडम में रॉयल एनफील्ड की फ़ैक्ट्रियों में तीन साल के वेतन पर समझौता हो गया है।

ऑरगाडम और वल्लम की फैक्ट्रियों के मज़दूरों ने रॉयल एनफ़ील्ड कोलैबरोटिव फ़ोरम के मार्फ़त समझौता वार्ता चलाया।

यह वेतन समझौता एशोसिएट इंजीनियर्स कैटेगरी के तहत वर्करों पर लागू होगा।

समझौते के तहत मासिक वेतन कुल वृद्धि 21000 रुपये हुई है।

जिसमें पहले साल 11000 रुपये, दूसरे साल 6000 रुपये और तीसरे साल 4000 रुपये वेतन वृद्धि होगी।

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फोटो साभार tnlabour.in
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ट्रेनी वर्करों को परमानेंट करने की मांग

डब्लू.पी.टी.यू.सी (वर्किंग पिपल ट्रेड यूनियन काउंसिल) से संबद्ध रॉयल एनफील्ड एम्प्लॉइज यूनियन से अधिकांश मजदूर जुड़े हैं।

यूनियन की मान्यता को लेकर पिछले साल दो बार लंबी हड़तालों में हिस्सा लिया।

उनकी प्रमुख मांगों में यूनियन के नेताओं और कार्यकर्ताओं के स्थानांतरण को वापस लेना और तीन साल पूरा कर चुके ट्रेनी वर्करों को परमानेंट करना शामिल था।

जब हड़ताल खत्म हुई तब प्रबंधन ने मांग रखी कि कार्मचारी इंटर्नल कोलैबोरेटिव फ़ोरम में शामिल हों।

गुड कंडक्ट की शर्त के अनुसार, इसी मंच के साथ अपनी शिकायतें उठाएं।

 कर्मचारियों को व्यक्तिगत समझौते की सलाह

डब्लू.पी.टी.यू.सी के नेता संपत ने कहा कि यूनियन ने कुछ शर्तों के साथ वेतन समझौते को स्वीकार कर लिया है।

उन्होंने यह भी कहा कि यूनियन ने कर्मचारियों को सेक्शन 18 (1) के तहत व्यक्तिगत रूप से समझौता करने की सलाह दी थी।

यूनियन में कर्मचारियों ने कहा कि वे इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार थे।

क्योंकि बर्खास्त और स्थानांतरित सहकर्मियों को वापस लाने का संघर्ष उन्हें सबसे अहम लगा।

हालांकि इस वेतन समझौते में ट्रेनी और प्रोबेशन में काम करने वाले वर्करों को शामिल नहीं किया गया जिन्हें 13,000 रुपये सैलरी मिलती है।

मजदूरों को 14000 रु वेतन दिया गया

कंपनी ने नीम परियोजना के तहत 14,000 रुपये सैलरी पर मज़दूरों को रखा है।

संपत ने कहा कि प्रबंधन ने 700 से अधिक ट्रेनी वर्करों में से उन 100 वर्करों को परमानेंट किया है, जिन्होंने 3 साल पूरा कर लिया है।

संघ के सचिव को छोड़कर, जिन कर्मचारियों को विभिन्न अन्य सुविधाओं में भेजा गया है। वे अन्य स्थलों पर काम में शामिल हो गए हैं।

इस समझौते में यूनियन के सचिव और उन वर्करों को शामिल नहीं किया गया है जिन्हें अन्य जगहों पर स्थानांतरित कर दिया गया है।

समझौते के प्रमुख बिंदु

1. अच्छे आचरण वाले मज़दूरों को एक बार 25000 रुपये का नकद ईनाम दिया जाएगा।

जो लोग घरेलू जांच का सामना कर रहे हैं या टर्मिनेट हो गए हैं, वो इससे वंचित रहेंगे।

2.पदोन्नति और वेतन वृद्धि के कर्मचारियों के लिए एक ऐसी नीति बनाई जाएगी जिसके तहत लंबे समय से काम करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा।ऐसा पहले से होता आया है।

3. सभी कर्मचारी अपने वेतन के एवज़ में 25000 रुपये तक का एडवांस पाने के हक़दार होंगे, जो कि उनके वेतन से 10 किस्तों में काटा जाएगा।

इसके अलावा प्रबंधन कर्मचारियों के लिए कम ब्याज पर लोन की सुविधा प्रदान करेगा।

4. 40 साल के हो चुके वर्कर साल में बार स्वास्थ्य जांच के हकदार होंगे।

5. कैंटीन और आने जाने की सुविधा मुफ्त दी जाएगी।

6. यदि किसी कर्मचारी की आकस्मिक परिस्थितियों में मौत हो जाती है तो परिवारजनों को अंतिम संस्कार के लिए 20000 रुपये तक मदद दी जाएगी।

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