एग्री बायोटेक कंपनी हादसा होने पर मज़दूरों को मेडिकल और मुआवजा देना जरूरी नहीं समझती

राजस्थान के सीकर में स्थित एग्री बायोटेक लिमिटेड कंपनी में मज़दूरों पर शोषण का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है।

इसी से तंग आकर एग्री बायोटेक कंपनी यूनियन के एक सदस्य ने नाम न जाहिर होने की शर्त पर वर्कर्स यूनिटी को फोन पर बातचीत के दौरान कंपनी के अंदर मज़दूरों के साथ हो रहे शोषण और कई अन्य दिक्कतों के बारे में बताते हुए कहा कि इस कंपनी में काम करने वाले ठेका मज़दूरों को हर दिन के हिसाब से केवल 200 रुपये मज़दूरी दी जाती है।

इस एग्री बायोटेक कंपनी में वाइन बनाने से लेकर पैक करने तक का काम किया जाता है।

कंपनी में 350 ठेका मज़दूर है, और लगभग 150 परमानेंट मज़दूर हैं।

कंपनी में ठेका मज़दूरों को 200 रुपये मज़दूरी प्रतिदिन के हिसाब से दी जाती है जबकि परमानेंट मज़दूरों को उनसे ज्यादा मज़दूरी दी जाती है।

पर काम समान रूप से लिया जाता है, वो आगे बताते हैं कि कंपनी में वाइन पैकिंग का काम कांच कि बोतलों में किया जाता है।

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इस वजह से वहां काम करने वाले मज़दूरों की उंगलियां और हाथ पैर कट जाते हैं, बावजूद इसके काम करने वाले मज़दूरों को कंपनी की तरफ से मेडिकल फैसिलिटी भी नहीं दी जाती।

कंपनी में शोषण का स्तर इतना ज्यादा है कि कांच के बर्तनों की वॉशिग के लिए उनको पानी में हाथ डाल कर काम करना पड़ता है जिससे उनके हाथों में गंभीर चोटें आ जाती है।

इसे देखते हुए भी कंपनी प्रशासन न तो इन की सुरक्षा के लिए कोई कदम उठाती है और न ही इनकी मज़दूरी बढ़ाई जाती है।

इसके साथ ही यहां काम करने वाले मज़दूरों के पीएफ और ईएसआई के पैसों को लेकर भी कंपनी ने कोई जवाबदेही नहीं दी है।

वो आगे बतातें हैं कि यहां काम कर रहे मज़दूरों की सुरक्षा की कोई व्यावस्था नहीं है और न ही न्यूनतम मजदूरी दी जाती है।

इतनी कम मज़दूरी में यहां काम करने वाले मज़दूरों के परिवार वालों का पालन-पोशण भी नहीं हो पाता।

गौरतलब है कि कंपनी में 2 यूनियन होने के बावजूद भी मज़दूरों को इस तरह की विकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।

उनका आरोप है कि यूनियन कंपनी के दवाब में आकर मज़दूरों को हक की बात को सामने नहीं रख रही है।

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One thought on “एग्री बायोटेक कंपनी हादसा होने पर मज़दूरों को मेडिकल और मुआवजा देना जरूरी नहीं समझती

  • December 3, 2019 at 1:10 pm
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    Please contact to jlc Jaipur mr dharam pal ji and ask him about contact labour rules

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