भेल मज़दूर ट्रेड यूनियन का नवां स्थापना दिवस

शनिवार 8 मई 2019 को भेल मजदूर ट्रेड यूनियन (बीएमटीयू) का 9वां स्थापना दिवस मनाया गया। बीएमटीयू के महामंत्री अवधेश कुमार ने इस अवसर पर मज़दूर एकजुटता पर ज़ोर दिया।

बीएमटीयू के उपाध्यक्ष नीशू कुमार ने यूनियन के संघर्षों के नौ साल पर अपनी बात रखी।

उन्होंने नौ साल में बीएमटीयू ने प्रबन्धन वर्ग एवं व्यवस्था परस्त ट्रेड यूनियनों की नीतियों और सरकारों के मज़दूर विरोधी चरित्र के बारे में खुलकर विस्तार से बताया।

कार्यक्रम में इंकलाबी मजदूर केंद्र के हरिद्वार प्रभारी पंकज कुमार ने कहा कि पूरे विश्व में अर्थव्यवस्थाएं आर्थिक मंदी की ओर बढ़ रही हैं, वैश्विक मंदी का प्रभाव भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।

देर सबेर मंदी का असर और गहराएगा और शासक वर्ग मज़दूर वर्ग पर हमले और तेज़ करेगा।

इसी कारण देश में नई आर्थिक नीतियों (निजीकरण, उदारीकरण एवं वैश्वीकरण) को तेजी से लागू किया जा रहा है।

सरकारी कंपनियों को बेचने का विरोध

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण इसी नीति के तहत किया जा रहा है और यही कारण है कि दूसरी बार सत्ता में काबिज़ हुई मोदी सरकार ने क़रीब 45 सार्वजनिक उपक्रमों को बेचने की तैयारी कर रही है।

कार्यक्रम में आईटीसी फूड्स श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष गोविंद सिंह ने कहा कि बीएमटीयू हमेशा से भेल एवं सिडकुल के मजदूरों के आर्थिक एवं सामाजिक संघर्षों को क्रांतिकारी तेवरों के साथ लड़ती रही है।

उन्होंने कहा कि जातीय उत्पीड़न हो या महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराधों का मामला बीएमटीयू ने तत्काल अपनी आवाज़ उठाई है।

कार्यक्रम में अध्यक्षीय भाषण रखते हुए राजकिशोर ने कहा कि आज सार्वजनिक क्षेत्र एवं निजी क्षेत्र के मजदूरों को मिलकर इस पूंजीवादी व्यवस्था के ख़िलाफ़ संघर्ष को तेज करना होगा।

उन्होंने कहा कि मज़दूर वर्ग का राज यानी समाजवाद लाकर ही मजदूर वर्ग शोषण से मुक्त हो सकता है।

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