अपनी मांगों को लेकर डाईकिन के मज़दूरों ने एक बार फिर निकाली विरोध रैली

अलवर राजस्थान के नीमराना में स्थित डाईकिन एयर कंडिशनिंग कंपनी में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।

आज डाइकिन एयर कैंडीशनिंग मज़दूर यूनियन के क्रांतिकारी साथियों ने अलवर में बस स्टैंड से लेकर कलेक्टर ऑफिस तक एक विशाल रैली निकाली और कलेक्टर को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन दिया।

दरअसल कंपनी के तानाशाही रवैये से तंग आकर मज़दूर यूनियन ने अपने अन्य मज़दूर साथियों के हक के लिए एक बार फिर से आवाज़ बुलंद की।

इन मज़दूरों का कहना है कि 500 ठेका मज़दूरों व 57 निलंबित मज़दूरों की कार्यबहाली, 14 मज़दूरों के ग़ैरकानूनी स्थानांतरण को रद्द किया जाए साथ ही सभी फर्ज़ी मुकदमें वापस लेने और यूनियन को मान्यता देने जैसी मांगों को उठाया।

हड़ताल कर रहे मज़दूरों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज

गौरतलब है कि बीते 8 जनवरी को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आहृवान पर हुए ऑल इंडिया वर्कर्स जनरल स्ट्राइक में हिस्सा लेते हुए नीमराणा औद्योगिक क्षेत्र स्थित जापानी जोन में 2000 मज़दूरों ने रैली निकाली थी।

इस रैली में अन्य मज़दूरों सहित डाइकिन एयरकंडीशनिंग मजदूर यूनियन के स्थायी, ठेका कर्मचारी भी शामिल थे।

इस आम हड़ताल में भाग लेने वाले सभी मज़दूरों पर पुलिस ने बेरहमी से लाठीचार्ज किया था।

जिसके बाद पुलिस और बाउंसरों के हमले के कारण दर्जनों मज़दूर बुरी तरह घायल हो गए थे।

बाद में पुलिस ने 17 लोगों को नामज़द और 600-700 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया था।

मज़दूरों का जबरन किया स्थानांतरण

इसके बाद पुलिस ने 14 मज़दूरों को गिरफ्तार किया, जिनकी ज़मानत आजतक नहीं हो पाई है।

इतना ही नहीं इन मजदूरों को यातना देने का सिलसिला यही खत्म नहीं हुआ बल्कि बीते 30 अगस्त को डाईकिन मज़दूरों में से 10 मज़दूरों का देश के अलग-अलग राज्यों में जबरन स्थानांतरण कर दिया गया था।

इस पूरे मामले के बाद मज़दूर आज तक पुलिस व प्रशासन के इस कड़े रैवये के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने में लगे हैं।

पर इनकी मांगे पूरी होने का अब तक कोई ज़रिया सामने आता नहीं दिख रहा है बहरहाल इस रैली के बाद क्या नतीजा निकलता है ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

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