HT Media कर्मचारी को 14 साल इंतज़ार के बाद नौकरी के साथ मिली मौत

कोर्ट के आदेश पर बहाल हुए एचटी मीडिया कर्मचारी की काम के दौरान मौत होने पर कर्मचारी फ़रियाद लेकर जब कनाट प्लेस के एचटी मीडिया हाउस पहुंचे तो भारी पुलिस बंदोबस्त करके उन्हें भगा दिया गया।

कर्मचारी रमेश कुमार की शनिवार, 3 अगस्त 2019 को मौत हो गई थी।

असल में 362 कर्मचारियों को 2004 में एचटी मीडिया ने ग़ैरक़ानूनी रूप से निकाल दिया था। तबसे ये कोर्ट में क़ानूनी लड़ाई लड़ रहे थे।

पहले ये निचली कोर्ट से और फिर हाईकोर्ट से अपना मुकदमा जीते और एचटी मीडिया को कर्मचारियों को वापस काम पर रखना पड़ा लेकिन तबतक कई कर्मचारियों की मौत हो गई थी और कई सारे ओवर एज हो गए थे।

कोर्ट के आदेश पर कुछ कर्मचारियों को नौकरी पर रखा गया। तबतक 150 कर्मचारी रिटायर हो गए, 33 लोगों की मौत हो गई थी।

लेकिन जो बाकी बचे क़रीब 180 लोगों को एचटी मीडिया की गौशाला में नौकरी दी गई।

डिसमिस का डर

एचटी मीडिया कर्मचारी दिलीप राज ने बताया कि इनमें भी 23 कर्मचारियों को अलग अलग बहानों से पहले निलंबित कर दिया गया और फिर अंदरूनी जांच का नाटक कर उन्हें डिसमिस कर दिया गया।

कर्मचारियों ने बताया कि अगर कर्मचारी कुछ दिनों की भी छुट्टी लेता था तो उसे निशाना बनाकर निलंबित और फिर डिसमिस कर दिया जाता था।

आरोप है कि रमेश कुमार छुट्टी के अभाव में इलाज़ नहीं करा पाया और उसकी असमय मौत हो गई।

कर्मचारियों का आरोप है कि मृतक रमेश कुमार ने डिसमिस होने के डर से इलाज के लिए छुट्टी नहीं ली।

नौकरी के लिए रमेश कुमार ने 14 साल की क़ानूनी लड़ाई का इंतज़ार किया था। और कोर्ट के आदेश पर फिर से बहाल हुए कर्मचारियों में से एक था।

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