केरल सरकार ने नई श्रम नीति के तहत न्यूनतम मज़दूरी 600 रुपये प्रतिदिन की घोषणा की

जहां एक तरफ न्यूनतम मज़दूरी को लेकर सरकार के फैसले का विरोध शुरू हो गया है, वहीं केरल की वाम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) सरकार ने अपने ड्राफ्ट श्रम नीति की घोषणा की है।

जिसमें मजदूरों की न्यूनतम मज़दूरी 600 रूपये प्रतिदिन का प्रस्ताव पेश किया गया है।

वहीं एक तरफ मोदी सरकार ने 44 श्रम क़ानूनों को ख़त्म कर चार लेबर कोड को लाने की योजना तैयार की है।

जिसके पहले हिस्से यानि वेज कोड को कैबिनेट से मजूंरी मिल गई है और संसद के इसी सत्र में इसे पेश कर इस पर कानून बना दिया जाएगा।

जिसके बाद देशभर में न्यूनतम मज़दूरी 178 रूपये हो जाएगी।

अब जरा सोचिए क्या 178 रूपये प्रतिदिन न्यूनतम मजदूरी में कोई अपना गुजारा कैसे कर सकता है ।

ये भी पढ़ें :- न्यूनतम मज़दूरी पर मोदी सरकार का ज़ोर का झटका

मोदी सरकार देगी 178 रुपये प्रतिदिन की न्यूनतम मज़दूरी

हैरान करने वाली बात यहां ये है कि मोदी सरकार ने पिछले साल न्यूनतम मज़दूरी तय करने के लिए एक पैनल गठित किया था और इसने न्यूनतम मज़दूरी 375 रू करने का प्रस्ताव दिया था।

लेकिन जब मोदी सरकार दोबारा सत्ता में आई तो उसने अपने ही पैनल के सुझावों को ठुकराकर न्यूनतम मज़दूरी लगभग आधा कर दी।

मोदी सरकार के वेज कोड की तुलना मे केरल की वाम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) सरकार ने मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी 600 रूपये प्रतिदिन की घोषणा की है।

ये भी पढ़ें :- न्यूनतम मज़दूरी का ऐलान हो गया, लागू कब होगा?

म़जदूरों के कल्याण हेतू श्रम नीति लागू

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराययी विजयन ने बयान में कहा कि यह श्रम नीति केरल की अर्थव्यवस्था और समाज के विकास के साथ ही म़जदूरों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को भी सुनिश्चित करेगी।

आपको बता दें कि केरल की नई श्रम नीति के तहत न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के दायरे में आने वाले सभी म़जदरों को न्यूनतम मजदूरी दी जाएगी।

वहीं राज्य के सभी कार्य स्थलों में न्यूनतम मज़दूरी शुरू की जाएगी।

केरल में नई श्रम नीति के अनुसार ‘उचित मजदूरी’ उन क्षेत्रों में भी लागू की जाएगी जहां उच्च पारिश्रमिक सुनिश्चित करने की संभावनाएं हैं।

नियोक्ता से वेतन बकाया, ठीक करने के लिए एक राजस्व वसूली प्रणाली लागू की जाएगी।

ये भी पढ़ें :- दिल्ली सरकार की न्यूनतम मज़दूरीः काम आज के, दाम बाप के ज़माने के

(वर्कर्स यूनिटी स्वतंत्र निष्पक्ष मीडिया के उसूलों को मानता है। आप इसके फ़ेसबुकट्विटर और यूट्यूब को फॉलो कर इसे और मजबूत बना सकते) 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *