मज़दूर नेता से घबराई महाराष्ट्र सरकार, ज़िला बदर के दिए आदेश

सीटू के प्रदेश अध्यक्ष डीएल कराड को नासिक पुलिस ने ज़िला बदर करने के लिए नोटिस जारी किया है।

कराड ने इसका जवाब देने के लिए पुलिस से 7 मई तक का समय मांगा है।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक ख़बर के मुताबिक सतपुर पुलिस ने कराड के आतीत के रिकॉर्ड को देखते हुए ज़िला बदर करने का प्रस्ताव भेजा था।

इस बारे में यूनिट 3 के एसीपी ने ये क़दम उठाने से पहले कराड से जवाब मांगा है। एसीपी ने कहा है कि अगर 7 तक उनका जवाब नहीं आता है तो उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच, एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने चुनाव के दौरान ऐसे कदम उठाने की आलोचना की है और इस आदेश को वापस लेने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस को चिट्ठी लिखी है।

महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री भुजबल ने कहा कि कराड को दो साल के लिए नासिक शहर, ग्रामीण क्षेत्र और अहमदनगर ज़िले से ज़िला बदर करने का प्रस्ताव भेजा गया है।

citu maharashtra president dl karad@DrDhondiram Karad

मज़दूरों किसानों को संगठित करने का अपराध?

उन्होंने कहा कि कराड बीजेपी-शिवसेना सरकार के ख़िलाफ़ रैलियां निकालते रहे हैं। साथ ही वो इन इलाकों में किसानों को आंदोलन में भी सक्रिय रहे हैं।

पुलिस ने कराड पर आरोप लगाया है कि वो अपने पद का निजी हितों में दुरुपयोग कर रहे हैं।

कराड पर पुलिस ने ये भी आरोप लगाए हैं कि वो कंपनी मालिकों के साथ वार्ता में दबाव की राणनीति का इस्तेमाल करते हैं और इसके लिए प्रदर्शन संगठित करते हैं।

इसके अलावा पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ हत्या, हत्या की कोशिश, ग़ैरक़ानूनी सभा और धमकी देने जैसे मामलों में शहर के अलग अलग इलाकों में मामले दर्ज किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार 190 से 2018 के बीच कराड पर 10 मामले दर्ज किए गए हैं।

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