नौकरी जाने से टाटा मोटर्स के कर्मचारी ने खुद को आग लगा की आत्महत्या

ऑटो सेक्टर में भारी मंदी के कारण लाखों मजदूरों की छंटनी कर दी गई है, जिसके चलते मज़दूर रातों रात सड़क पर आ गए है।

जमशेदपुर में स्थित टाटा मोटर्स की एंसिलरी इंपीरियर ऑटो इंडस्ट्री में काम करने वाले एक इंजीनियर ने खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली।

टाटा मोटर्स की एंसिलरी इंपीरियर ऑटो इंडस्ट्री में जूनियर इंजीनियर प्रभात कुमार को कंपनी ने एक महीना पहले काम पर आने से मना कर दिया था।

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दर्दनाक मौत

प्रभात गोलमरी नामदा बस्ती के कैलाश नगर में रहते थे। कुछ महीनों से बेरोजगार होने के कारण वो परेशान रहने लगे थे।

प्रभात के घरवालों का कहना है कि गुरुवार को प्रभात ने सुबह करीब 9.30 बजे घर से लगभग सौ मीटर दूर खुद के उपर केरोसिन डालकर आग लगा ली।

इसके बाद वह चीखता हुआ घर की ओर दौड़ा और पड़ोसी के घर के आगे जा गिरा।

उसने जोर से अपनी मां को आवाज लगाई। तब तक आस पड़ोस के लोग मौके पर जुट गए आग को बुझाया गया।

प्रभात को तत्काल टाटा मेन हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां दो घंटे बाद उसकी मौत हो गई।

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क्या कहा?

इलाज के दौरान प्रभात बार-बार एक ही चीज दोहरा रहे थे कि उसकी जिंदगी में अब कुछ भी नहीं बचा, इसलिए वह नहीं जीना चाहता।

दरअसल प्रभात एनटीटीएफ से पढ़ाई करने के बाद गोविंदपुर स्थित इंपीरियर ऑटो इंडस्ट्री में नौकरी कर रहे थे।

टाटा मोटर्स में लगातार ब्लॉक क्लोजर के कारण छोटी कंपनियों पर भी मंदी का असर पड़ा है। प्रभात के साथ कई अन्य कर्मचारियों को भी काम पर आने से रोक दिया गया था।

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