BSNL खर्च में कटौती के लिए 80 हजार कर्मचारियों को कर रहा रिटायर

लंबे समय से वित्तिय समस्याओं से जूझ रही सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल ने घाटे की स्थिति से उभरने के लिए अपने 80 कर्मचारियों को स्वैच्छिक रिटायरमेंट देने का फैसला कर लिया है।

सरकार की मंजूरी मिलते ही कर्मचारियों को एक आकर्षक पैकेज देकर जल्द से जल्द रिटायर कर दिया जाएगा।

बीएसएनएल चेयरमैन प्रवीण कुमार पुरवार के अनुसार सरकार से रिवाइवल पैकेज के अभाव में ऑपरेशन कॉस्ट में कटौती करते हुए कैश-स्ट्रैप्ड बीएसएनएल रेवेन्यू में सुधार करने के लिए लैड एसेट्स में बदलाव कर रही है।

आगे उन्होंने कहा कि रेवेन्यू हमारी पहली प्राथमिकता है। ऑपरेशनल खर्च का प्रबंधन दूसरे नंबर पर है।

कई ऐसे खर्च हैं जिन पर हम दोबारा विचार कर सकते हैं और कुछ पहल के जरिए इन्हें नियंत्रित कर सकते हैं।

कंपनी ने 14 हजार टावर दिेए किराए पर

पुरवार ने बताया कि बीएसएनएल अपनी जमीने बेचकर या किराए पर देकर पैसा जुटाएगा।

उन्होंने कहा कि जमीन लीज और रेंट पर देकर अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं। अभी बीएसएनएल 200 करोड़ रुपये के राजस्व की उम्मीद कर रहा है।

इसे आसानी से 1000 करोड़ रुपये तक बढ़ाया जा सकता है।

यह वार्षिक राजस्व है। अगले 12-15 महीनों में हमें इस पर जोर देना है।

वहीं आगे वे बताते हैं कि बीएसएमएल के पास 68 हजार टावर्स हैं। जिनमें से 13-14 हजार टावर किराए पर दिए हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर और 4जी सेवाओं की कमी

वहीं हम टावर्स की किरायेदारी बढ़ाने की संभावना तलाश रहे हैं ताकि अतिरिक्त आमदनी आर्जित की जा सके।

साथ ही बीएसएनएल के घाटे में जाने की सबसे बड़ी वजह इंफ्रास्ट्रक्चर और 4जी सेवाओं का न होना है। इस बारे में पुरवार कहते हैं कि, बाजार धीरे-धीरे डेटा बेस्ड हो चुका है।

किसी भी टेलिकॉम कंपनी के लिए डेटा महत्वपूर्ण है। 4G स्पेक्ट्रम की उपलब्धता नहीं होने से बीएसएनएल दूसरी कंपनियों से होड़ नहीं ले पा रही है।

“लेकिन, अगर आप लोगों को वीआरएस के लिए कम करते हैं, तो आप ऑपरेशन कैसे चलाएंगे?

हम उस समय आउटसोर्सिंग का संचालन करेंगे, संचालन बनाए रखने के लिए, और मासिक अनुबंध के आधार पर लोगों के लिए विकल्प भी चुन सकते हैं, ताकि अंतर को पूरा किया जा सके। फिर भी, बीएसएनएल के पास पर्याप्त जनशक्ति है, भले ही 60,000 से 70,000 लोग वीआरएस लेते हों, फिर भी हमारे पास 1 लाख कर्मचारी होंगे।

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