पिछले 6 महिने से दलमा के दैनिक मजदूरों को नहीं मिला वेतन

झारखण्ड के जमशेदपुर में स्थित दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी की देखभाल करने वाले मजदूरों को पिछले छह माह से वेतन नहीं मिला है।

खबरों के अनुसार 45 दैनिक भोगी मज़दूरों को वेतन न मिलने के कारण आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं।

जिसके चलते मज़दूर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण तक नहीं कर पा रहे हैं।

दरअसल दलमा वन्य अभ्यारण जमेशेदपुर का एक पर्यटन स्थल है।

यहाँ पर पर्यटक जंगली जानवरों जैसे हाथी, हिरण, तेदुंआ, बाघ आदि को नज़दीक से देखने के लिए दूर-दूर से आते हैं। पिछले 6 महिने से वन्य प्राणी आश्रयणी की देखभाल करने वाले मज़दूरों को वेतन नहीं मिला है।

एडवांस में पैसे लेकर किया पत्नी का क्रियाक्रम

मज़दूर भीषण सिंह ने बताया कि उनकी पत्‍‌नी की अचानक मौत हो गयी।

वेतन न मिलने के कारण अपनी पत्नी के क्रियाक्रम के लिए भी उनके पास पैसे नहीं थे।

दलमा के डीएफओ ने एडवांस में रुपये दिए, उसके बाद उनकी पत्‍‌नी का क्रिया कर्म हुआ।

वहीं अन्य मज़दूरों की स्थिति भी दयनीय है काम करने वाले जगत का कहना है कि वेतन नहीं मिलने के कारण अब दुकानदार ने भी राशन उधार देने से मना कर दिया।

ऐसी स्थिति में ये मज़दूर कर्ज लेकर अपना औप अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे है।

वेतन नहीं मिलने के कारण कंप्यूटर आपरेटर से लेकर क्लर्क तक को अपने बच्चों की फीस तक के लाले पड़ रहे हैं।

टेक्नीकल फॉल्ट के कारण नहीं मिला वेतन

एक दैनिक भोगी मजदूर ने बताया कि उसे तो स्कूल में फीस जमा नहीं करने पर कड़ी फटकार लगी, लेकिन वह चाह कर भी फीस जमा नहीं कर पाई।

दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी के डीएफओ चंद्रमौली प्रसाद सिन्हा से जब दैनिक भोगी मजदूरों को छह माह से वेतन नहीं मिलने के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि सचिवालय में टेक्नीकल फाल्ट के कारण एलाटमेंट नहीं आ सका।

फाल्ट को दूर किया जा रहा है।

डीएफओ ने कहा कि अगले सोमवार तक सभी दैनिक भोगी मजदूरों के खाते में वेतन की राशि चली जाएगी।

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