ग़ाज़ियाबाद में अमृत योजना में बिहार के पांच सफ़ाई कर्मियों की मौत

गाजियाबाद में एक जल निकासी परियोजना में काम करने वाले पांच सफ़ाई कर्मचारियों की गुरुवार को दम घुटने से मौत हो गई।

अधिकारियों के अनुसार, सीवर की सफ़ाई में उतरे साथियों को देखने उतरे एक के बाद एक इन मज़दूरों के पास सुरक्षा उपकरण नहीं थे।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जिलाधिकारी अजय शंकर पांडे ने बताया कि घरेलू सीवर लाइनों को शहर की मुख्य जल निकासी प्रणाली के साथ जोड़ने वाली एक परियोजना पर ये लोग काम कर रहे थे।

इस परियोजना को गाजियाबाद नगर निगम ने मंज़ूरी दी है।

सुरक्षा उपकरणों की कमी

उन्होंने बताया कि एक निजी ठेकेदार ने इन लोगों को काम पर रखा था जो सिहानी गेट पुलिस थाना क्षेत्र में नंदग्राम क्षेत्र के निकट कृष्णा कॉलोनी में नगर निकाय के जल विभाग की ‘अमृत योजना’ के तहत परियोजना चला रहा है।

अधिकारी ने बताया कि दोपहर क़रीब एक बजे इन लोगों में से एक कर्मचारी सीवर लाइन के अंदर गया लेकिन वह बाहर नहीं आया।

इसके बाद अन्य चार एक-एक करके सीवर के भीतर गये। जब उनमें से कोई नहीं आया तो एक अन्य व्यक्ति उसके अंदर गया और उसने देखा कि पांचों बेहोशी की हालत में पड़े हैं।

डीएम ने बताया कि ठेकेदार ने इन लोगों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराये थे।

इन लोगों को बाहर निकाला गया और मरियम अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

प्रबंधन के खिलाफ लापारवाही का मामला दर्ज

नगर निकाय ने पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराकर लापरवाही का आरोप लगाया है।

इसके बाद ठेकेदार, ईएमएस इन्फ्राकॉन, और उसके तीन इंजीनियरों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है।

पांडे ने बताया कि नगर निगम आयुक्त दिनेश शर्मा को दोषी लोगों और अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई किये जाने के निर्देश दिए गए हैं।

मृतकों की पहचान दामोदर (40), होरली (35), संदीप (30), शिवकुमार (32) और विजय कुमार (40) के रूप में हुई है। ये सभी बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले थे।

मुख्यमंत्री योगी ने की दस लाख मुआवजे की घोषणा

पांडे ने बताया कि समस्तीपुर के कलेक्टर को इस घटना के बारे में सूचित कर दिया गया है।

इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।

इस घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (शहर) और जल विभाग इस घटना की जांच करेंगे।

उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में सीवर में मरने वाले कर्मचारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और लाख अपीलों के बाद भी निजी ठेकेदार सफ़ाई कर्मचारियों को सुरक्ष उपकरण नहीं मुहैया करा रहे हैं।

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