सूरत के हीरा कारोबार में मंदी के चलते,15000 नौकरियां खतरें में

भारत में हीरा हब कहलाने वाली सूरत नगरी को मानो किसी की नज़र लग गई है।हीरा उद्योग में डिमांड घटने के कारण अब तक 200 कारीगरों को निकाला जा चुका है।

वहींं पिछले एक साल की बात करें तो अनगिनत छोटे- बड़े हीरे के उद्योग मंदी की चपेट में आने से ठप्प हो गए हैं।

जिस कारण पिछले कुछ हफ्तों में हीरा कारखानों से करीब 15000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है।

दरअसल सूरत के हीरे देश समेत पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। यहां दुनिया के 10 में से 9 तरह के हीरे तैयार किये जाते हैं। देश-विदेश के लोग यहां व्यापार करने आते हैं।

अकेले सूरत के दक्षिण गुजरात शहर में 3,000 से अधिक छोटे और मध्यम हिरा कारखानों में लगभग सात लाख लोग काम करते हैं।

हीरे की कीमत में 6-10 प्रतिशत की गिरावट

लेकिन खबरों के अनुसार अमेरिका और चीन के बीच चल रहे ट्रेड वार के कारण यह उद्योग ठप हो गया है।

जिसके बाद से हजारों हीरे के कारीगर बेरोजगार हो गए हैं।

सूरत डायमंड एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष दिनेश नवदिया ने कहा कि आर्थिक मंदी ने कारोबार को बुरी तरह से प्रभावित किया है।

वे आगे कहते है कि मंदी के कारण पिछले चार महीनों में पॉलिश किए गए हीरों की कीमतों में 6-10 प्रतिशत की गिरावट आई है।

जीएजेईपीसी के आंकड़ों के अनुसार एक साल पहले की तुलना में जुलाई में कट-एंड-पॉलिश हीरे का निर्यात 18.15 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2020 के पहले चार महीनों के लिए 15.11 प्रतिशत गिरा है। कुल मिलाकर अप्रैल-जुलाई की अवधि में रत्न और आभूषण निर्यात 6.67 प्रतिशत गिर गया।

निर्मला सीतारमण से जीएसटी कम करने की मांग

आपको बता दें कि स्थिति में सुधार लाने हेतू बीते बुधवार को श्री नवदिया और अन्य प्रतिनिधियों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से जीएसटी के संचय, करों को कम करने और बैंकों द्वारा ऋण देने सहित उनके मुद्दों पर चर्चा की।

एक समय था जब हीरा उद्योग को देखते हुए कहा जाता था की अनपढ़ आदमी भी हीरे घिस कर 20 से 30 हजार रुपए कमा सकता है।

लेकिन हीरा उद्योग की ऐसी हालत हो गई है की लोग यहां से अब अलविदा कर रहे हैं और अन्य जगहों पर मज़दूरी कर अपने घर का गुजारा चलाने पर मजबूर हैं।

हालांकि कंपनी के मालिक द्वारा हीरा कारीगरों को फिलहाल काम पर आने को मना किया गया है और कहा है कि उनके पास अभी माल नहीं है। जब उनके पास माल होगा तब वे उन्हें काम पर बुलाएंगे।

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