मज़दूरों से नफ़रत और मंदिरों से है प्यारः सिंगरेनी कोयला खनिकों का हाल

राजसत्ता को धर्म से इतना प्यार क्यों है, इसका जीता जागता नमूना तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर हैं।

जीतने से पहले उन्होंने सिंगरेनी कोयला खदान के मज़दूरों को परमानेंट करने, न्यूनतम मज़दूरी दिलाने और सारी समस्या का हल करने का वादा किया था।

लेकिन जीतते ही मज़दूरों पर लाठी चार्ज करना शुरू करवा दिया।

दूसरी तरफ़ मंदिरों और हिंदू धर्म के प्रति उनका प्रेम इतना उमड़ रहा है कि जिस मंदिर में जाते हैं हज़ार लाख बांट आते हैं। भव्य पूजा करवाते हैं।

सिंगरेनी कोयला खदान में काम करने वाले इफ़्टू के यूनियन नेता रासुद्दीन कहते हैं कि केसीआर को मज़दूरों से ख़ासा विरोध है और लेकिन मंदिरों से प्यार है।

वो कहते हैं कि सिंगरेनी कोयला खदान के वर्करों को तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर ने सिर्फ़ वादे दिए जबकि तेलंगाना में मज़दूरों की समस्या आजतक हल नहीं हुई।

उनके अनुसार, केसीआर को मज़दूरों से ज़्यादा मंदिरों की चिंता है।

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