लेबर कोड में ऐसा क्या है कि मज़दूर कर रहे हैं विरोध?

44 मौजूदा श्रम क़ानूनों को ख़त्म करके चार संहिताओं या लेबर कोड सरकार ला रही है। इनमें से दो लेबर कोड लोकसभा से पारित भी हो गए।

उनके खिलाफ़ जिस दिन संसद मार्ग, यानी 2 अगस्त 2019 को प्रदर्शन था, उसी समय राज्य सभा में वेज कोड यानी मज़दूरी संहिता बिल को पास कर दिया गया। अब वो जल्द ही क़ानून बन जाएगा।

संसद मार्ग पर एटक की महासचिव अमरजीत कौर और सीटू के महासचिव तपन सेन से आकृति भाटिया ने जानने की कोशिश की कि आखिर ये लेबर कोड क्या हैं और आने वाले समय में इसका क्या असर पड़ेगा।

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