ज़ोमेटो कर्मचारियों ने बेसिक सुविधाएं न मिलने पर विरोध में जलाई कंपनी की टी-शर्ट

बिहार में स्थित आरा शहर में ज़ोमेटो कंपनी की तरफ से कोई सुविधाएं न मिलने पर गुस्साए कर्मचारियों ने संस्कृति भवन के सामने कंपनी की टीशर्ट जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।

प्रथमिक सुविधाओं की कमी

इस विरोध प्रदर्शन में 100 से अधिक कर्मचारी शामिल थे।

जिनका आरोप है कि उन्हें कड़ी मेहनत के बावजूद कंपनी की तरफ से कोई भी सुविधाएं नहीं दी गई है।

ज़ोमेटो कर्मचारी बहुत परेशान हैं, खासकर खाने पीने के सामानों की डिलेवरी करने वाले गरीब डिलेवरी बॉय की स्थिति और भी खराब हैं।

इस तरह की कंपनियां आय दिन कर्मचारियों का शोषण करके बड़ी कमाई करती है।

जिसमें दिन रात कर्मचारियों का ऑर्डर पहुचाने के लिए सड़को पर न जाने कितने डिलीवरी बॉय की जाने जाती हैं।

लेकिन कंपनी इन्हें न तो कोई आई कार्ड न ही इंश्योरेंस जैसी कोई प्रथमिक सुविधाएं देती हैं।

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वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं

कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें 2 हफ्तों से वेतन नहीं मिला है, जबकि कंपनी का कहना यह था कि वह हर हफ्ते पेंमेंट देती है।

कंपनी द्वारा कर्मचारियों को 8000 रू प्रति महिना वेतन पर रखा गया था और कहा गया था कि 5 किलोमीटर के भीतर ही उन्हें काम करना होगा।

लेकिन बाद में इस दायरे को बढ़ाकर 10 किलोमीटर से 12 किलोमीटर तक कर दिया गया।

इसके बावजूद वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई।

यहां काम करने वाले डिलिवरी बॉय को सुविधाओं के नाम पर केवल एक बैग और टीशर्ट थमा दिया जाता है।

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डिलीवरी बॉय की स्थिति बहुत खराब

डिलीवरी बॉय की स्थिति इतनी खराब है कि दिन भर की कड़ी मेहनत के बाद भी उन्हें  उनके मेहनत के अनुसार वेतन नहीं दिया जाता।

यहां तक की खाने डीलीवर करने के दौरान किसी कर्मचारी का रोड एक्सीडेंट हो जाए तो उसकी जिम्मेदारी कंपनी की नहीं होगी।

हाल ही में पिछले महिनें रोड एक्सीडेंट में राजकुमार नाम के  डिलीवरी बॉय की मौत हो गई।

जिसमें कंपनी द्वारा मृतक के परिजनों को कोई सहायता नहीं दी गई।

बता दें कि आरा में कंपनी का कोई भी ऑफिस नहीं है जहां जाकर कर्मचारी अपनी मांगे रख सकें।

जबकि कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों द्वारा लगाए सारे आरोप बेबुनियाद हैं।

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