माइक्रोमैक्स के 300 से अधिक श्रमिकों की गैरकानूनी छँटनी पर अदालत ने लगाई रोक

उत्तराखंड हाई कोर्ट के  ने भगवती प्रोडक्ट्स (माइक्रोमैक्स) के 303 श्रमिकों की गैरकानूनी छँटनी को निरस्त करते हुए

राज्य की भाजपा सरकार को फटकार लगाई है।

न्यायालय ने उत्तराखंड सरकार को आदेश दिया है कि श्रमिक पक्ष द्वारा दिनांक 14.01.2019 को प्रमुख सचिव श्रम को ग़ैरकानूनी छँटनी

और बंदी के सम्बंध में भेजे गए पत्र को 40 दिन के भीतर उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देशों में निस्तारित करे।

चूंकि बगैर अनुमति छँटनी हुई है, इसलिए यह अवैध घोषित होना है। कोर्ट का यह फैसला माइक्रोमैक्स मज़दूरों की बड़ी जीत है।

 2018 को 303 मज़दूरों की छँटनी हुई थी

बता दें कि कंपनी ने राज्य सरकार से बगैर अनुमति लिए अचानक 27 दिसंबर, 2018 को 303 मज़दूरों की छँटनी कर दी थी

और तमाम मशीनें राज्य से बाहर भेज दीं थीं। इसपर राज्य की भाजपा सरकार, शासन, प्रशासन, श्रम अधिकारी ,

सभी मज़दूरों को दबाने व भ्रमित करते रहे। मज़दूरों मनोबल तोड़ने की हर कोशिश की।

प्रबन्धन से एक वार्ता तक नही कराई। प्रमुख सचिव ने ज़वाब तक नहीं दिया था।

धरने पर बैठे मजदूर
फोटो साभार :भगवती प्रोडक्ट्स (माइक्रोमैक्स)
नहीं झुके मजदूर

लेकिन मज़दूरों के संघर्ष का जज्बा मजबूत रहा। तबसे उनका आंदोलन जारी है।

कंपनी गेट पर वे सवा चार माह से धरनारत हैं। जमीनी व कानूनी, दोनों लड़ाइयां एक साथ लड़ रहे हैं।

न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जो विवाद है उसके तहत छँटनी करना

या बंदी करना कानून के अनुरूप नियमतः आदेश लेकर नहीं किया गया है।

मज़दूरों की यह महत्वपूर्ण जीत है। मनोवैज्ञानिक स्तर पर भी प्रबंधन को पराजय मिली है।

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