माइक्रोमैक्स मजदूरों ने ग़ैरकानूनी छंटनी के खिलाफ़ आयोजित की प्रतिरोध सभा

26 जुलाई को पंतनगर उत्तराखंड में स्थित भगवती प्रोडक्ट्स (माइक्रोमैक्स) में 303 मज़दूरों की ग़ैरकानूनी छँटनी और 47 मज़दूरों की अवैध ले-ऑफ के ख़िलाफ़ कंपनी गेट में धरना स्थल पर जबरदस्त प्रतिरोध सभा हुई।

ये सभी कर्मचारी पिछले 7 महिनों से संघर्ष कर रहे हैं। इनकी प्रमुख मांग है कि निकाले गए सभी मज़दूरों की कार्य बहाली की जाए।

सिडकुल की तमाम यूनियनों व संगठनों ने इस संघर्ष में हिस्सा लिया।

साथ ही वक्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा मज़दूरों पर बढ़ते हमलों के ख़िलाफ़ भी आवाज़ बुलंद की।

पिछले 200 दिनों प्रदर्शन जारी

गौरतलब है कि ये कर्मचारी 27 दिंसबर 2018 से यानी 200 से अधिक दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।

कर्मचारियों के मुताबिक पिछले वर्ष दिसंबर में क्रिसमस के मौके पर उन्हें दो-तीन दिन की छुट्टी दी गई थी, जिसके बाद मज़दूर अपने काम पर आये तो उन्हें गेट पर एक नोटिस लगा मिला, जिसमें 300 से अधिक कर्मचरियों का नाम लिखा था। बताया गया कि इनकी सेवाएं अब समाप्त कर दी गईं।

प्रबंधन के इस रवैये से सभी कर्मचारी हैरान थे। उन्होंने प्रबंधन से इस गैर क़ानूनी छंटनी पर सवाल किया तो कहा गया की फैक्ट्री में अब इतने लोगों का काम नहीं है इसलिए इनको हटाया जा रहा है, जबकि वहाँ काम करने वाले मज़दूरों का कहना है जब वो वहाँ काम कर रहे थे तब भी मज़दूरों से उनकी क्षमता से अधिक काम लिया जाता था।

अचानक यह कहना काम नहीं है समझ से परे है।

निजीकरण रोक पर प्रस्ताव पारित

तब से ही भगवती प्रोडक्ट्स (माइक्रोमैक्स) के मजदूर छँटनी के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। कंपनी गेट पर रात-दिन का धरना जारी है।

इस दौरान मैनेजमैंट ने तमाम तरह की दिक्कतें पैदा की और कई धाराओं में मजदूरों पर केस दर्ज कराया। 25 जून से कर्मचारी क्रमिक अनशन पर भी बैठे हैं।

आपको बता दें कि सभा के अंत में भगवती प्रोडक्ट्स के प्रबंधन द्वारा सब्सिडी और टैक्स की रियायतों का लाभ उठाकर कंपनी बंद कर दूसरे राज्य में पलायन की खुली निंदा करते हुए बंदी पलायन रोकने, श्रमिकों की गैरकानूनी छँटनी व ले समाप्त करके कार्यबहाली करने, मज़दूर विरोधी श्रम संहिताओं को वापस लेने, केंद्रीय सरकारी कर्मियों की जबरिया सीआरएस के बहाने छँटनी की नीति वापस लेने, रेलवे, बीएसएनएल आदि के निजीकरण पर रोक लगाने का प्रस्ताव पारित हुआ।

सभा में श्रमिक संयुक्त मोर्चा, इंकलाबी मजदूर केंद्र ,मजदूर सहयोग केंद्र, एडविक श्रमिक संगठन , राने मद्रास एम्पलाई यूनियन , एम एम पी एल, मंत्री मैटलिक्स वर्कर यूनियन, देना श्रमिक संगठन, सी आई टी यू, इन्ट्रार्क कर्मचारी संगठन, नैस्ले कर्मचारी संगठन, ब्रिटानिया श्रमिक संगठन, रॉकेट रिद्धि-सिद्धि कर्मचारी संगठन , एल जी बी वर्कर्स यूनियन, एडीएन्ट कर्मचारी यूनियन, वोल्टास एम्पलाई यूनियन, पारले मजदूर संघ व अन्य संगठन शामिल रहे।

(वर्कर्स यूनिटी स्वतंत्र निष्पक्ष मीडिया के उसूलों को मानता है। आप इसके फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब को फॉलो कर इसे और मजबूत बना सकते हैं।)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *