घुसखोरी और हेराफेरी के खिलाफ श्रम कार्यालय के बाहर मज़दूरों का विरोध प्रर्दशन

भवन एंव अन्य सन्निर्माण कामगारों निबंधन व राहत योजनाओं में श्रम विभाग के अधिकारियों और दलालों के गठजोड़ बड़े पैमाने पर की जा रही घुसखोरी, कमीशनखोरी और हेराफेरी के खिलाफ बिहार राज्य निर्माण कामगार यूनियन ने श्रम कार्यालय के बाहर विरोध प्रर्दशन किया।

इस प्रर्दशन में करगहर,शिवसागर, बिक्रमगंज, दावथ,राजपुर, नासरीगंज और सासाराम प्रखण्ड के सैकड़ों गाँव से हजारों निर्माण मजदूर शामिल हुए।

इस प्रर्दशन में हजारों की संख्या में मज़दूर बसों में भरकर आए और श्रम कार्यलय के बाहर घुसखोरी और हेराफेरी जैसे मामलों को लेकर विरोध प्रर्दशन किया।

इस प्रर्दशन के बाद मज़दूरों ने राज्यपाल के नाम श्रम अधीक्षक को ज्ञापन भी सौंपा।

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इनकी पहली मांग है कि दलितों द्रारा गैर मज़दूरों का बोरों में भरकर जमा किया गया आवेदन रद्द किया जाए।

सभी निर्माण मज़दूरों का आवेदन कैम्प के माध्यम से किया जाए।

निर्माण मज़दूरों को 15,000 रुपये का मासिक पेंशन दिया जाए।

और निर्माण मज़दूरों के भवन मरम्मती और बेटी की शादी के लिए लगभग 50,000 रु. और 1,00,000 तक रुपये दिए जाए।

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