सेल्स प्रमोशन एम्पलाइज एक्ट में बदलाव के विरोध में यूनियनें उतरीं सड़को पर

जयपुर में बीते सोमवार को सीटू और आर.एम.एस.आर यूनियन ने राष्ट्रव्यापी स्तर पर राजस्थान के श्रम विभाग कार्यालय में जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया।

दरअसल पूरे देश भर में सेल्स प्रमोशन एम्पलाइज एक्ट में भारत सरकार बदलाव कर रही है।

जिसके विरोध में भड़की दवा प्रतिनिधियों की एकमात्र यूनियन एफ एमआर ए आई (सीटू) और राजस्थान में आर एम एस आर यूनियन ने राष्ट्रव्यापी विरोध के रूप में राजस्थान के श्रम विभाग कार्यालय, जयपुर पर विरोध प्रदर्शन किया।

इतना ही नहीं जयपुर में दवा प्रतिनिधियो ने मोदी सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ भी खूब जमकर नारेबाजी की।

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एस पी एक्ट में किए बदलावों का विरोध

आपको बता दें कि यूनियन ने जयपुर में केंद्रीय श्रम मंत्री के नाम पर एस पी एक्ट में किए जा रहे बदलाव के विरोध में अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन श्रीमान श्रम आयुक्त महोदय राजस्थान को दिया।

श्रम आयुक्त महोदय ने ज्ञापन पढ़ने के बाद उसे दिल्ली भेज दिया।

यूनियन की मांग है कि सेल्स प्रमोशन एम्पलाइज एक्ट में किसी भी तरह का बदलाव देश के दवा प्रतिनिधियों की यूनियन को मंजूर नहीं होगा।

बड़ी संख्या में तमाम दवा प्रतिनिधि और सेल्स प्रमोशन से जुड़े कर्मचारियों ने मिलकर पूरे देशभर में सरकार की चल रही मनमानी का विरोध किया।

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मज़दूरों को बनाया जा रहा पूंजीपतियों का गुलाम

सीटू राज्य सचिव भँवर सिंह शेखावत, आर.एम.एस.आर यूनियन नेता कॉमरेड पडियार और अन्य साथियों के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन किया गया।

भारी मतों से एक बार फिर सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार सभी 44 श्रम कानूनो को समाप्त करके मजदूरों को केवल पूंजीपतियों का गुलाम बनाना चाहती है।

वहीं एक एक कर सभी बड़ी कंपनियों का निजीकरण कर पूंजीपतियों को बेचने के फैसले से तमाम मज़दूर वर्ग आज सड़को पर आ गए हैं।

मोदी सरकार के इन फैसलों से मज़दूरों में भारी गुस्सा व्याप्त है। इसी के चलते मज़दूर आगे सेल्स प्रमोशन एम्पलाइज एक्ट के विरोध में बड़े आंदोलनों की तैयारी कर रहे हैं।

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