यूनियनों के एक साथ आने की अपील के साथ टीयूसीआई का 9वां सम्मेलन संपन्न

ट्रेड यूनियन सेंटर ऑफ़ इंडिया (टीयूसीआई) का नवां अखिल भारतीय सम्मेलन केंद्र प्रशासित राज्य दादरा नागर हवेली के सिलवासा में 19 नवंबर 2019 को संपन्न हुआ।

टीयूसीआई के नेता संजय सिंघवी ने कहा कि जिस तरह मोदी सरकार श्रम कानूनों को ख़त्म कर रही है, उसका एकजुट होकर ही जवाब दिया जा सकता है।

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सिलवासा के टाउन हॉल में आयोजित इस सम्मेलन के पहले दिन ट्रेड यूनियन कार्यकर्ताओं की एक रैली निकाली गई।

रैली के बाद एक जनसभा हुई जिसमें संजय सिंघवी, टीयूसीआई के अन्य नेताओं अमरीष पटेल, सिलवासा में टीयूसीआई के स्थानीय नेता धीरूभाई पटेल, एनटीयूआई के नेता वासुदेवन, नेपाली आंदोलन के नेताओं और अन्य लोगों ने संबोधित किया।

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टीयूसीआई के जनरल सेक्रेटरी संजय सिंघवी ने कहा कि ऐसे वक्त में सभी ट्रेड यूनयिनों को आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होकर प्रतिकार करना चाहिए।

किसी भी श्रम विरोधी हमले का जवाब एकजुट होकर ही दिया जा सकता है और साम्राज्यवाद, नव उदारीकरण, प्राईवेटाइजेशन, ग्लोबलाइजेशन का विरोध करने वाली ट्रेड यूनियन को एक मंच पर आना होगा।

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टीयूसीआई के नेता अरविंद नायर ने कहा कि ग़ैरबराबरी इतनी बढ़ गई है कि एक कंपनी के सीईओ और उसके सबसे निचले स्तर के कर्मचारी की सैलरी में ज़मीन आसमान का अंतर है।

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उन्होंने कहा कि एक कंपनी के सीईओ की एक साल की आमदनी के बराबर कमाने के लिए एक मज़दूर को एक हज़ार साल तक काम करना पड़ेगा।

इतनी बड़ी ग़ैरबराबरी को ख़त्म किया जाना चाहिए।

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