रॉयल एनफ़ील्ड के बाद चेन्नई के यामहा प्लांट में भी समझौता, यूनियन को मिली मान्यता

चेन्नई के रॉयल एनफ़ील्ड प्लांट में समझौता होने के एक दिन बाद, यामहा प्लांट में भी मज़दूरों और मैनेजमेंट के बीच समझौता हो गया।

यामहा में यूनियन बनाने की अनुमति दिया जाना मज़दूरों के लिए एक बड़ी जीत है।

मज़दूरों की मांगों में यूनियन बनाना एक प्रमुख मांग थी।

ऐसे समय जब पूरे देश के औद्योगिक क्षेत्रों में यूनियन बनाना सरकार द्वारा लगभग असंभव बना दिया गया है, मज़दूर वर्ग के लिए यकीनन ये एक बड़ी ख़बर है।

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yamha chennai workers

हड़ताल का वेतन नहीं, बोनस मिलेगा

तमिलनाडु में रॉयल एनफ़ील्ड और यामहा मोटर्स में पिछले डेढ़ महीने से हड़ताल चल रही थी।

समझौते के अनुसार, यामहा प्लांट में यूनियन को मान्यता मिल गई है।

हड़ताल के दौरान मज़दूरों पर जितने भी मुकदमे हुए थे, उन्हें मैनेजमेंट ने वापस लेने पर सहमति जताई है।

हालांकि हड़ताल की अवधि का वेतन नहीं मिलेगा लेकिन उसकी जगह बोनस का प्रावधान किया गया है।

समझौता के अनुसार, 12 श्रमिकों के ख़िलाफ़ दायर सभी आपराधिक मुकदमे और श्रम न्यायालय में दायर मुकदमे वापस ले लिए जाएंगे।

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दो बर्खास्त कर्मचारियों पर अंदरूनी जांच

इसके अलावा किसी को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा।

वर्करों को हड़ताल की अवधि का वेतन नहीं मिलेगा, बल्कि उसकी जगह एक बोनस दिया जाएगा।

दो बर्खास्त कर्मचारियों को निलंबन में रखा जाएगा और घरेलू जांच के बाद नौकरी पर वापस बुलाने पर फैसला किया जाएगा।

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