‘ये हड़ताल ट्रेलर है…ज़रूरत पड़ी तो जो करना होगा करेंगे’

सेना देश की रक्षा करती है, और सेना की रक्षा करती है आयुध निर्माणी…ये कहना है एआईडीईएफ़ के यूनियन लीडर शशि भूषण का।

सेना के लिए हथियार बनाने वाले कारखानों को निगम बनाने के ख़िलाफ़ देश भर में 41 आर्डनेंस फ़ैक्ट्रियों के क़रीब 82,000 कर्मचारी 20 अगस्त से एक महीने के लिए हड़ताल पर गए थे लेकिन शनिवार को सरकार की ओर से ही प्रेस रिलीज़ जारी कर हड़ताल ख़त्म होने की घोषणा कर दी गई।

कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार निगमीकरण के बहाने आयुध कारखानों को बेचने की साजिश कर रही है और बातचीत में दांवपेच खेल रही है।

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